समाचार
  • चीनी उद्योग के लिए 5,500 करोड़ रुपये के पैकेज की मंजूरी
  • अब बैंक खातों और मोबाइल नंबर को आधार से जोड़ना जरूरी नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने दिया ऐतिहासिक फैसला
  • उत्तर प्रदेश के सीतापुर में संक्रामक बीमारी से 53 लोगों की मौत, डर के मारे ग्रामीण घर-बार छोड़ने को मजबूर
  • चीनी उद्योग के लिए कैबिनेट ने फिर किया पैकेज का ऐलान, किसानों को बकाया भुगतान दिलाने का दावा
  • पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से किसान बेहाल, मथुरा में हल खींचकर जताया विरोध
  • सुप्रीम कोर्ट ने आधार को संवैधानिक रूप से वैध करार दिया लेकिन बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर को आधार से जोड़ना जरूरी नहीं
  • स्कूल, कॉलेज में दाखिले के लिए आधार नंबर की मांग नहीं की जा सकती है
  • किसी भी बच्चे को आधार के बिना सरकारी योजनाओं का लाभ देने से इनकार नहीं किया जा सकता है
  • आयकर और पैन कार्ड के लिए अब भी जरूरी आधार

From The Desk

पीएम की किसान कल्याण रैली का विरोध

फोटो स्रोत- एनडीटीवी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पंजाब के मुक्तसर ज़िले के मलोट में किसानों को संबोधित किया। किसान कल्याण रैली में प्रधानमंत्री ने किसानों के हितों में लिए गए केंद्र सरकार के फैसलों को बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने लागत से डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी का वादा पूरा कर दिया है। प्रधानमंत्री ने एक बार फिर ये दोहराया कि सरकार साल 2022 तक किसानों का आमदनी दोगुनी करने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। इस रैली में उन्होंने फसल की लागत की गणना पर उठ रहे सवालों पर भी सफाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि लागत की गणना में किसान की मज़दूरी, ज़मीन का पट्टा, किराया और मशीन के खर्चों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा उन्होंने ई-नाम और मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओँ की भी ज़िक्र किया।

वहीं प्रधानमंत्री की रैली के विरोध में सैकड़ों किसानों ने जमकर नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन की अगुवाई में कई किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को काले झंडे दिखाने के लिए निकले। लेकिन पुलिस ने इन्हें मलोट से पंद्रह किलोमीटर पहले ही रोक लिया। इसके बाद किसानों ने सड़क पर ही नारेबाजी शुरू कर दी।