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अवैध बीज से खेती कर रहे हैं कपास किसान

फोटो स्रोत : मनी कंट्रोल

भारत के किसान मोनसैंटो कंपनी की उस बीज को अपने खेतों में बो रहे हैं, जिसे सरकार ने भारत में अब तक इजाज़त नहीं दी है। कपास के किसान जानते हैं कि अस्वीकृत बीज के इस्तेमाल से उन पर क़ानूनी कार्रवाई हो सकती है, फिर भी महाराष्ट्र के सैंकड़ों किसानों ने इसे खेत में बो रखा है। अधिकारियों के मुताबिक़ बीते दो महीनों में महाराष्ट्र सरकार एक करोड़ बीस लाख के अस्वीकृत बीज जब्त कर चुकी है। भारत ने साल 2002 में पहली बार कपास के अनुवांशिक रूप से संशोधित बीज (जीएम) के इस्तेमाल को मंज़ूरी दी थी। साल 2006 में जीएम कपास की एक और उन्नत किस्म को मंज़ूरी मिली। तब से कपास के बीज की नई नस्ल को मंज़ूरी नहीं मिली है। महाराष्ट्र के किसान कपास की प्रतिबंधित हर्बिसाइड टॉलरेंट क़िस्म के बीज को खेतों में बो रहे हैं। किसान संगठनों का कहना है कि इस मामले में किसानों के बदले बीज बेचने वाले बिचौलिए पर कार्रवाई करने की ज़रूरत है, क्योंकि किसानों को यही बिचौलिए ज़्यादा पैदावार का लालच देकर बीज बेचते हैं।