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उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में सड़कों पर उतरे किसान


किसानों की बेहतरी के तमाम दावों के बावजूद उन्हें अपनी मांगों के लिए सड़कों पर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। महाराष्ट्र के सोलापुर में स्वाभिमानी किसान संगठन की अगुवाई में गन्ना किसानों ने सोलापुर-बीजापुर हाईवे को जाम कर प्रदर्शन किया। वे बीते साल का भुगतान ना मिलने से नाराज हैं। इसके अलावा चालू वर्ष में उचित और लाभकारी मूल्य यानी एफआरपी के साथ प्रति क्विंटल 200 रुपये ज्यादा भुगतान की भी मांग कर रहे हैं। संगठन ने मांग ना माने जाने तक चीनी मिलों को गन्ने की सप्लाई नहीं होने देने का ऐलान किया है।

वहीं, उत्तर प्रदेश के बागपत में भी गन्ना किसानों ने प्रदर्शन किया। वे सीबीईसी शुगर मिल में पेराई सत्र शुरू होने के बावजूद गन्ने की पर्चियां जारी ना होने से नाराज थे। जिले में दो सहकारी और एक निजी चीनी मिल में 31 अक्टूबर से पेराई सत्र शुरू हो गया। लेकिन, किसानों को पर्चियां नहीं मिल पा रही। गन्ना ना बिकने से वे गेहूं की बुआई के लिए खेत नहीं खाली कर पा रहे। हालांकि, अधिकारियों के जल्द आश्वासन के बाद उन्होंने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

उत्तर प्रदेश के ही मिर्जापुर जिले में किसानों ने अपनी सूखी फसलें हाथ में लेकर प्रदर्शन किया। उनकी शिकायत है कि लहंगपुर रजवाहा नहर में इस साल पानी ना आने से लगभग आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में धान की फसल सूख गई। हालांकि, मौके पर पहुँचे सिचाई विभाग के अधिकारियों ने नहर में जल्द पानी छोड़ने का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों ने प्रदर्शन बंद कर दिया।