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  • पराली जलाने पर दर्ज मामले वापस लेने की मांग
  • मांगें ना माने जाने पर पड़ा आंदोलन करने की चेतावनी
  • हरियाणा में भी रोक के बावजूद पराली जलाने के मामले
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From The Desk

दिल्ली नहीं, जनता के बीच जाएंगे भूमिहीन सत्याग्रही

फोटो स्रोत – ट्विटर/एकता परिषद

भूमि अधिकार की मांग को लेकर एकता परिषद की अगुवाई में दिल्ली आ रहे 27,000 सत्याग्रहियों ने अपना आंदोलन रोक दिया है। शनिवार को मुरैना में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात और मांगों का समर्थन देने के बाद ये फैसला किया। इसके बाद एकता परिषद के संस्थापक पीवी राजगोपाल ने कहा कि अब इस आंदोलन को जनता के बीच ले जाया जाएगा। इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर में इनसे मुलाकात कर आंदोलन वापस लेने की अपील की थी। लेकिन आंदोलनकारियों ने अपनी यात्रा वापस लेने से इनकार कर दिया था। भूमिहीनों को भूमि दिलाने के लिए शुरू हुए आंदोलन में 20 से ज्यादा राज्यों के आदिवासी, किसान और मजदूर शामिल थे।

2012 में भी एकता परिषद ने भूमि अधिकार की मांग को लेकर एक लाख सत्याग्राहियों की रैली निकाली थी। लेकिन तत्कालीन यूपीए सरकार के आश्वासन के बाद रैली वापस ले ली थी। इसके 6 महीने बाद सरकार भूमि सुधार बिल लेकर आई थी। इसमें कुछ कमियां थीं, जिसको लेकर एकता परिषद के साथ बातचीत हो रही थी, लेकिन तब तक केंद्र में सरकार बदल गई थी। तब से लेकर अब तक भूमि अधिकार बिल पर कोई फैसला नहीं हो पाया है।