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  • सुप्रीम कोर्ट ने आधार को संवैधानिक रूप से वैध करार दिया लेकिन बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर को आधार से जोड़ना जरूरी नहीं
  • स्कूल, कॉलेज में दाखिले के लिए आधार नंबर की मांग नहीं की जा सकती है
  • किसी भी बच्चे को आधार के बिना सरकारी योजनाओं का लाभ देने से इनकार नहीं किया जा सकता है
  • आयकर और पैन कार्ड के लिए अब भी जरूरी आधार

From The Desk

किसानों को कीमतों की मार से बचाने के लिए नई नीति को मंजूरी


मोदी सरकार ने बुधवार को प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के नाम से नई कृषि खरीद नीति को मंजूरी दी है। इसके तहत राज्य सरकारों को किसानों के संरक्षण के लिए विकल्प दिए गए हैं। मध्य प्रदेश की भावांतर योजना की तर्ज पर तिहलन फसलों की खरीद के लिए नई योजना लाई गई है। इसके तहत सरकार थोक बाजार में तिलहन के मासिक औसत मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के बीच अंतर का भुगतान करेगी। इसके अलावा राज्यों को प्रयोग के आधार पर तिहलन की खरीद में निजी क्षेत्र को शामिल करने का भी विकल्प दिया गया है। हालांकि, ये योजना राज्य में तिलहनी फसलों की 25 फीसदी उपज तक सीमित होगी। इन दोनों विकल्पों का मसकद खाद्य तेलों की आयात पर निर्भरता घटाना है। भारत सालाना 1.4-1.5 करोड़ टन खाद्य तेल खरीदता है जो घरेलू मांग का लगभग 70 फीसदी होता है।

फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) खाद्यान्नों की एमएसपी पर खरीद और वितरण की नोडल एजेंसी है। हालांकि, रबी और खरीफ की फसलों को मिलाकर सरकार अभी 23 फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करती है। लेकिन खुले बाजार में फसल बेचने वाले किसानों को इसका लाभ नहीं मिल जाता है, क्योंकि वहां इनके दाम अक्सर एमएसपी से कम रहते हैं।

केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को घाटे से उबारने के लिए इथनॉल के दाम में 25 फीसदी बढ़ोतरी का भी फैसला किया है। माना जा रहा है कि चीनी मिलों के घाटे से उबरने का फायदा गन्ना किसानों को भी होगा।