समाचार
  • केरल में बाढ़ से भारी तबाही
  • 500 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सहायता का ऐलान
  • मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हज़ार रुपये का मुआवज़ा
  • केरल सरकार ने केंद्र से मांगी थी 2000 करोड़ रुपये की मदद
  • उत्तर प्रदेश: झांसी में आवारा जानवरों से परेशान किसान
  • फसल बर्बाद होने का सदमा नहीं झेल पाया किसान
  • दिल का दौरा पड़ने से किसान ने खेत में तोड़ा दम
  • महाराष्ट्र: पुणे में किसानों ने मौसम विभाग के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई
  • मौसम विभाग पर ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया
  • स्वाभिमानी शेतकारी संगठन ने मौसम विभाग पर दर्ज कराया मामला
  • मध्य प्रदेश: बीना परियोजना के ख़िलाफ़ किसानों का प्रदर्शन
  • डूब प्रभावित इलाकों के किसानों का प्रदर्शन
  • किसानों ने रखी परियोजना को रद्द करने की मांग
  • हरियाणा: पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने की पहल
  • चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय को मिले चार करोड़ रुपये
  • भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने दी आर्थिक सहायता

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Why are dairy farmers in distress?


देश में दूध और स्किम्ड मिल्क पाउडर के बंपर उत्पादन ने छोटे डेयरी किसानों का बजट बिगाड़ दिया है। हाल ही में महाराष्ट्र के किसानों ने अपनी ज़िद के चलते राज्य सरकार से अपनी मांगें मनवाईं, लेकिन वो नाकाफी हैं। क्या हैं देश के डेयरी किसानों की मांगें, कैसे सुधरेगा उनके घर का बजट?