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  • 500 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सहायता का ऐलान
  • मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हज़ार रुपये का मुआवज़ा
  • केरल सरकार ने केंद्र से मांगी थी 2000 करोड़ रुपये की मदद
  • उत्तर प्रदेश: झांसी में आवारा जानवरों से परेशान किसान
  • फसल बर्बाद होने का सदमा नहीं झेल पाया किसान
  • दिल का दौरा पड़ने से किसान ने खेत में तोड़ा दम
  • महाराष्ट्र: पुणे में किसानों ने मौसम विभाग के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई
  • मौसम विभाग पर ग़लत जानकारी देने का आरोप लगाया
  • स्वाभिमानी शेतकारी संगठन ने मौसम विभाग पर दर्ज कराया मामला
  • मध्य प्रदेश: बीना परियोजना के ख़िलाफ़ किसानों का प्रदर्शन
  • डूब प्रभावित इलाकों के किसानों का प्रदर्शन
  • किसानों ने रखी परियोजना को रद्द करने की मांग
  • हरियाणा: पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने की पहल
  • चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय को मिले चार करोड़ रुपये
  • भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने दी आर्थिक सहायता

Simplify

प्रस्तावित यूनिवर्सल लेबर कोड से क्या बदलेगा?


संगठित क्षेत्र के साथ पहली बार असंगठित क्षेत्र के लोगों को सामाजिक सुरक्षा देने के इरादे से सरकार मौजूदा श्रम कानूनों में भारी बदलाव लाने की कोशिश में है। इसके लिए श्रम मंत्रालय ने ड्राफ्ट लेबर कोड तैयार किया है, मगर इस कोड को लेकर ट्रेड यूनियन समेत असंगठित क्षेत्र के लोग भी मायूस हैं। ड्राफ़्ट से लोग विरोध जता रहे हैं, आख़िर उनकी नाराज़गी का क्या कारण है ?

क्या कुछ है इस प्रस्तावित ड्राफ्ट लेबर कोड में, समझते है ‘SIMPLIFY’ में अनिका ऐरन के साथ।