समाचार
  • मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात
  • पराली पर मुआवजा बढ़ाने के लिए केंद्र से मांगी आर्थिक मदद
  • पंजाब के फिरोजपुर में पराली के मुद्दे पर किसानों ने रोकी रेल
  • पराली जलाने पर दर्ज मामले वापस लेने की मांग
  • मांगें ना माने जाने पर पड़ा आंदोलन करने की चेतावनी
  • हरियाणा में भी रोक के बावजूद पराली जलाने के मामले
  • फतेहाबाद में सामने आए 18 मामले
  • पाबंदी ना मानने वाले किसानों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी
  • पराली जलाने का दिल्ली की हवा में असर
  • दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण का स्तर
  • 300 के पार पहुंचा एयर क्वालिटी इंडेक्स
  • राजस्थान के जयपुर में गहराया ज़ीका वायरस का संकट
  • सौ पहुंची मरीजों की संख्या
  • मच्छरों पर काबू पाने के उपाय तेज

Debate

संघर्ष का संगम


किसान, दलित और पूर्व सैनिकों के आंदोलन अब एक मंच पर आ रहे हैं। अखिल भारतीय किसान सभा ने 9 अगस्त को भारत बंद की अपील की है। दूसरे किसान संगठन उसे समर्थन देने का एलान पहले ही कह चुके हैं। अब दलित और पूर्व सैनिकों के संगठनों ने किसान संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन चलाने का एलान किया है। एससी-एसटी ऐक्ट को कमज़ोर करने और दलितों पर अत्याचार के ख़िलाफ मुहिम चला रहे दलित संगठन और ‘वन रैंक-वन पेंशन’ की मांग के समर्थन में आंदोलन चला रहे पूर्व सैनिकों के संगठन 9 अगस्त के ‘भारत बंद’ में शामिल होंगे। इन सबकी एक जैसी शिकायत है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने उनका विश्वास तोड़ा है। तो आंदोलनों के इस संगम का संदेश क्या है? क्या इससे किसान, जवान और आम इनसान की गरिमा की लड़ाई के लिए कोई नया रास्ता निकलेगा? इन सवालों पर ये ख़ास चर्चा।