समाचार
  • प्रोमोशन में आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के पाले में डाली गेंद, कहा इस पर नियम बना सकती है सरकार
  • अब संसद की तरह लाइव दिखेगी सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई
  • केंद्रीय कैबिनेट ने चीनी उद्योग के लिए साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दी
  • देश भर के गन्ना किसानों का करीब 13 हज़ार करोड़ रुपये चीनी मिलों पर बकाया
  • चीनी उद्योग के लिए 5,500 करोड़ रुपये के पैकेज की मंजूरी
  • अब बैंक खातों और मोबाइल नंबर को आधार से जोड़ना जरूरी नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने दिया ऐतिहासिक फैसला
  • उत्तर प्रदेश के सीतापुर में संक्रामक बीमारी से 53 लोगों की मौत, डर के मारे ग्रामीण घर-बार छोड़ने को मजबूर
  • चीनी उद्योग के लिए कैबिनेट ने फिर किया पैकेज का ऐलान, किसानों को बकाया भुगतान दिलाने का दावा
  • पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से किसान बेहाल, मथुरा में हल खींचकर जताया विरोध
  • सुप्रीम कोर्ट ने आधार को संवैधानिक रूप से वैध करार दिया लेकिन बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर को आधार से जोड़ना जरूरी नहीं
  • स्कूल, कॉलेज में दाखिले के लिए आधार नंबर की मांग नहीं की जा सकती है
  • किसी भी बच्चे को आधार के बिना सरकारी योजनाओं का लाभ देने से इनकार नहीं किया जा सकता है
  • आयकर और पैन कार्ड के लिए अब भी जरूरी आधार

Conversation

मोदी राज में भ्रष्टाचार बढ़ा?


जानी मानी संस्था- सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज के सर्वे में लगभग 75 फ़ीसदी लोगों ने राय जताई कि नरेंद्र मोदी के शासनकाल में भ्रष्टाचार बढ़ा है। भ्रष्टाचार से लड़ने के बीजेपी सरकार की घोषणाओं पर अब लोग कम भरोसा कर रहे हैं। हैरतअंगेज है कि मेनस्ट्रीम मीडिया ने CMS- India Corruption Study 2018 के निष्कर्षों को ज़्यादा तवज्जो नहीं दी। आख़िर इसकी वजह क्या है? आखिर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी सरकार की छवि क्यों बिगड़ रही है? इन सवालों पर एक ख़ास चर्चा।